सिटी हब मीडिया वणी…
वणी शहर में जगह-जगह फैले अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जो सड़कें कभी चौड़ी और सुगम हुआ करती थीं, वे अब अतिक्रमणधारकों की वजह से धीरे-धीरे सिकुड़ती जा रही हैं। हालात ऐसे बन चुके हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वाहन ठीक से निकल नहीं पाते और लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।
तिलक चौक, आंबेडकर चौक, टैगोर चौक, दीपक चौपाटी चौक, शाम टॉकीज परिसर सहित वणी का कोई भी प्रमुख चौराहा या सड़क अतिक्रमण से अछूती नहीं है। हर जगह सड़कों पर दुकानें, ठेले और हाथगाड़ियाँ लगी हुई दिखाई देती हैं। सब्जी और फल बेचने वाले गरीब व्यापारियों के रोज़गार से नागरिकों को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस अव्यवस्थित तरीके से सड़कों पर कब्जा किया गया है, उससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
नागरिकों का आरोप है कि पूर्व में चले प्रशासक राज के दौरान अतिक्रमणधारियों को खुली छूट दी गई। जिन लोगों के पास नगर पालिका का तथाकथित ठेका है और जो नगर पालिका के नाम पर वसूली करते हैं, उन्होंने पूरे वणी शहर को अपनी कमाई का साधन बना लिया है। जगह-जगह पैसे लेकर लोगों को सड़क किनारे, चौराहों पर और व्यस्त इलाकों में बैठाया जा रहा है। वणी का शायद ही कोई कोना बचा हो, जहाँ से इन ठेकेदारों द्वारा वसूली न की गई हो।
स्थिति यह है कि जब ट्रैफिक पुलिस अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई करने जाती है, तो अतिक्रमणधारी नगर पालिका की रसीद या पावती दिखा देते हैं। इसके कारण ट्रैफिक पुलिस भी असमंजस में पड़ जाती है और कार्रवाई अधूरी रह जाती है। नतीजतन आम नागरिकों और पुलिस के बीच बहस की स्थिति बनती है। अतिक्रमण के कारण कई बार दुर्घटनाएँ भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
अतिक्रमण की वजह से शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार दिखाई देता है। नालियों पर कब्जा, सड़कों पर कचरा और अव्यवस्थित ठेलों के कारण वणी शहर की स्वच्छता और सुंदरता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि पूरा शहर अतिक्रमणधारियों के हवाले होता जा रहा है।
फिलहाल नगर पालिका में नई सत्ता आई है। ऐसे में वणी के नागरिकों को नई भाजपा सत्ता से उम्मीद है कि वह इस गंभीर समस्या की ओर तुरंत ध्यान देगी। नागरिकों की मांग है कि अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की जाए, वसूली के नाम पर चल रहे पूरे तंत्र की जांच हो, व्यवस्थित हॉकर्स ज़ोन बनाए जाएँ और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

























